ज्योतिष के अनुसार सिर्फ इन राशिफल वाले जातकों को हो सकता है नुकसान जानें 5 जून को होने वाले ग्रहण की स्थिति
जून का महीना ज्योतिष के लिहाज से काफी अहम रहने वाला है। जून के महीने में एक साथ दो ग्रहण पड़ने वाले हैं जिसमें एक सूर्य ग्रहण होगा जबकि दूसरा चंद्रग्रहण। ग्रहण का ज्योतिष शास्त्र में विशेष भूमिका होती है। ग्रहण के अलावा जून के महीने में कई ग्रहों में उधर-उधर हलचल बनी रहेगी। कुछ ग्रह अपनी राशि बदलकर दूसरी राशि में प्रवेश करेंगे तो कुछ वक्री से मार्गी और मार्गी से वक्री की स्थिति में आ जाएंगे। ज्योतष के अनुसरा ग्रहों के राशि परिवर्तन करने से जातकों के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। आइए जानते हैं जून के महीने में कौन से ग्रह किस स्थिति में होंगे और सभी 12 राशियों पर क्या असर पड़ेगा।
जून में सूर्य की स्थिति
सूर्य सभी ग्रहों का राजा कहलाता है। सूर्य अभी वृष राशि में है। 15 जून को सूर्य वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेगा। ज्योतिष में सूर्य तेज, मान-सम्मान और यश का कारक माना जाता है। ऐसे में जून के महीने में सूर्य के राशि परिवर्तन से जिन जातकों की कुंडली में सूर्य शुभ भाव में बैठेगा उसके लिए यह महीना काफी शुभ और फलदायक रह सकता है। इसके आलावा इस महीने में ही सूर्य ग्रहण होगा।
जून में चंद्रमा
जून का महीना चंद्रमा के लिए याद रखा जाएगा। क्योंकि इस महीने साल का दूसरा चंद्रग्रहण 05 जून की लगेगा। ग्रहण का ज्योतिषशास्त्र में विशेष भूमिका होती है। शास्त्रों में ग्रहण को शुभ माना गया है और जब भी ग्रहण लगता है तो उसके पहले सूतककाल लग जाता है। सूतक काल में किसी भी तरह का कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता। सूतककाल में विशेष सावधानियां बरती जाती हैं।
जून में मंगल ग्रह कितना करेगा मंगल
ज्योतिष शास्त्र में मंगल की विशेष भूमिका मानी जाती है। इस महीने मंगल का भी राशि परिवर्तन होगा। मंगल अभी कुंभ राशि में है। 18 जून को मंगल मीन राशि में परिवर्तन करेगा। मंगल को ज्योतिष शास्त्र में सेनापति की भूमिका दी गई है। जातकों की कुंडली में मंगल का काफी गहरा प्रभाव पड़ता है। मंगल के प्रभाव से व्यक्ति का क्रोध बढ़ जाता है और जमीन से जुड़े हुए विवाद होने लगते हैं।
05 जून को चंद्रग्रहण
5 जून को चंद्रग्रहण लगेगा। यह साल 2020 का दूसरा चंद्र ग्रहण होगा। चंद्रग्रहण रात के 11 बजकर 16 मिनट से शुरू हो जाएगा जो अगले दिन यानी 6 जून की सुबह 2 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। 12 बजकर 54 मिनट पर पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। इस चंद्रग्रहण की कुल अवधि 3 धंटे 15 मिनट की होगी। इसके बाद 5 जुलाई को भी चंद्रग्रहण लगेगा।
चंद्रग्रहण के बाद 21 जून को खंडग्रास सूर्य ग्रहण भी लगेगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा। भारत के अलावा यह सूर्यग्रहण एशिया, अफ्रिका और यूरोप में दिखाई देगा।
जून में ग्रहों के परिवर्तन से राशियों पर असर
शुभ असर- वृष, मिथुन, कुंभ और मीन राशियों के लिए माह शुभ फल देगा।
अशुभ असर- सिंह, तुला, वृश्चिक और धनु राशि के जातकों के लिए समय अच्छा नहीं रहने वाला है।
मिला जुला असर- मेष, कर्क, कन्या और मकर राशियों पर रहेगा मिला जुला असर


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