यहाँ के लोग 80 साल में भी दिखते है ज्यादा खूबसूरत और जवान
दुनिया में बहुत ही जन जातियां पाई जाती हैं ऐसी ही एक जनजाति है हुंजा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में गिलगित बालटिस्तान के पहाड़ों स्थित हुंजा घाटी में पाई जाती है यह घाटी भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा के पास पड़ती है इसे युवाओं का नकली स्थान भी कहा जाता है जो घाटी के लोगों की औसत उम्र 110 से लेकर 120 साल तक होती है इस जनजाति की खास बात यह है कि यहां के लोग बहुत खूबसूरत और जवान दिखते हैं खासकर औरतें जो कि 60 साल तक जवान रहती है और वह इस उम्र में भी संतान को जन्म दे सकती हैं हुंजा घाटी हिमालय की पर्वत माला पर स्थित है इसे दुनिया की छत के नाम से भी जाना जाता है यहाँ इस जनजाति की जनसंख्या लगभग 86000 है यह जनजाति और उनकी जीवनशैली से सैकड़ों साल पुरानी है
या जनजाति के लोग बिना किसी समस्या के कई सालों तक जीवित रहते हैं कहते हैं कि इनमें से कई लोग तो 150 साल तक जिंदा रहते हैं हुंजा जनजाति की खास बात यह है कि यहां के लोग बहुत कम बीमार पड़ते हैं ट्यूमर और कैंसर जैसी बीमारी का तो उन्होंने कभी नाम ही नहीं सुना इनकी खूबसूरती और जीवन का राज उनकी जीवनशैली में छुपा हुआ है हुंजा के लोग शून्य से भी नीचे के तापमान पर बर्फ के ठंडे पानी में नहाते हैं यह लोग वही खाना खाते हैं जो यह खुद उगाते हैं जैसे कि खुमानी मेवे सब्जियों और अनाज में जौ,बाजरा इत्यादि खाते हैं और पैदल ज्यादा चलते हैं रोजाना 15 से 20 किलोमीटर तक चलना और टहलना उनकी जीवनशैली में शामिल होता है साथ ही साथ हंसना भी उनकी जीवनशैली का एक हिस्सा है इस कम्युनिटी के लोग फिजिकली और मेंटली बहुत स्ट्रॉन्ग होते हैं यह लोग मांस बहुत कम खाते हैं किसी खास मौके पर ही मांस पकाया जाता है इस जनजाति के लोगों को बुरसों भी कहते हैं इनकी भाषा बुरु सास की है कहा जाता है कि यह जनजाति अलेक्जेंडर द ग्रेट की सेना के वंशज हैं जो की चौथी सदी में यहां आए थे ये घाटी पाकिस्तान की सबसे ज्यादा पसंदीदा टूरिस्ट जगहों में से एक है दुनिया भर के लोग यहां की पहाड़ों में छुट्टी खूबसूरती देखने आते हैं इस जनजाति पर कई लोग किताबें भी लिख चुके है।
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