रोज़ डे के दिन अपने चाहने वालों को भेजे ये शायरी, हो जायेगें दीवाने
हुस्न और खुशबू का सबब हो तुम ,
ऐसा खिलता हुआँ गुलाब हो तुम,
तुम जैसी हसीन न होगा इस जहाँ मैं,
तामाम हसीनों में लाजवाब हो तुम
बड़े ही चपके से भेजा था
मेरे महबूब ने मुझे एक गुलाब
कमबख्त उसकी खुशबू ने
सारे शहर में हंगामा कर दिया
जिसको हम पा सके
वो जनाब हो आप
मेरी जिंदगी का पहला ख्वाब हो आप
लोग चाहें कुछ भी कहे आपको
लेकिन मेरे लिए सुंदर सा गुलाब हो आप


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