अपने हक के लिए लड़ रहे किसानों को खाना खिला रहे मुस्लिम सदस्य कहा- 24 घंटे जारी रहेगी सेवा
सिंघु बॉर्डर पर किसान लॉ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने टेंट को अपनी छत और सड़कों को ही अपना बिस्तर बना लिया है. ऐसे में कुछ मुस्लिम पुरुषों की एक टीम यह सुनिश्चित कर रही है की भूख प्यास की परवाह किये बिना अपने हक के लिए लड़ रहे इन किसानों की खाने की व्यवस्था अच्छी तरह से हो सके.
सिंघु सीमा और दिल्ली-हरियाणा सीमा पर विरोध कर रहे किसानों को बुधवार से फ़ारोकी मुबीन की अगुवाई में मुस्लिम पुरुषों की 25 सदस्यीय टीम ‘लंगर’ परोस रही है. वहीं मुस्लिम फेडरेशन ऑफ़ पंजाब की टीम का कहना है कि वे “हर किसी को खिलाने वाले किसानों की सेवा” करने के लिए सिंघु सीमा पर आए हैं|
फ़ारोकी मुबीन ने समाचार एजेंसी PTI से कहा कि ये लंगर 24 घंटे तक चलती रहेगी. किसान आजतक हमारे लिए बहुत कुछ करते आए हैं. एहसान वापस करने की हमारी बारी है. ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस ठंड में धरने पर बैठे सभी प्रदर्शनकारियों के खाने पीने का पूरे ख्याल रखे. मुबीन कहते हैं कि हमारी 25 लोगों की टीम 24 घंटे लंगर पर मौजूद रहती है. ताकि जिसे जब भी जरुरत पड़े हमारे पास आकर खाना खा सकें|
बता दें कि बीते रोज तीन केंद्रीय मंत्रियों और आंदोलनकारी किसानों के एक प्रतिनिधि समूह के बीच गुरुवार को हुई बातचीत के बाद अब लगातार नौवें दिन हरियाणा और उत्तर प्रदेश के साथ दिल्ली की सीमाओं के प्रमुख मार्गों पर प्रदर्शन हुए. वहीं प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को दिल्ली के अन्य सड़कों को जाम करने की धमकी दी थी|

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