भारत मे ही क्यों मनाई जाती है हरियाली तीज, क्या है मुख्य प्रतीक जानिए
भारत देश में त्योहारों का बहुत महत्व है। हमारे देश में त्योहारों को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। सभी त्योहार खुशी का प्रतीक होते हैं। त्योहारों से हमारे जीवन में खुशी एवं आनंद का वातावरण आता है। कोई भी त्यौहार श्रावण मास में आए तो उसे बहुत ही प्रसन्नता पूर्वक मनाया जाता है। श्रावण मास उमंग और उल्लास के लिए जाना जाता है।
श्रावण मास में झूला झूलने की परंपरा होती है। हरियाली तीज श्रावण मास के मुख्य प्रतीक के रूप में मनाई जाती है। इस त्यौहार को हरियाली तीज इसलिए नाम दिया जाता है क्योंकि श्रावण मास के इस समय के दौरान चारों तरफ हरियाली छाई रहती है। इस समय व्यक्ति का मन उमंग और उल्लास से भर उठता है। त्यौहार के दिन सुहागिन औरतें भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा का अपने पति की लंबी आयु का वरदान प्राप्त करते हैं।
यह त्योहार श्रावण मास की शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाया जाता है। यह त्यौहार सुहागिन महिलाओं का त्यौहार है। इस दिन भगवान शिव और पार्वती का मिलन हुआ था। घर की सुहागिन इस त्यौहार को बड़ी धूमधाम से मनाती हैं। इस त्यौहार को उमंग और उल्लास के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है।
श्रावण मास में झूला झूलने की परंपरा होती है। हरियाली तीज श्रावण मास के मुख्य प्रतीक के रूप में मनाई जाती है। इस त्यौहार को हरियाली तीज इसलिए नाम दिया जाता है क्योंकि श्रावण मास के इस समय के दौरान चारों तरफ हरियाली छाई रहती है। इस समय व्यक्ति का मन उमंग और उल्लास से भर उठता है। त्यौहार के दिन सुहागिन औरतें भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा का अपने पति की लंबी आयु का वरदान प्राप्त करते हैं।
यह त्योहार श्रावण मास की शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाया जाता है। यह त्यौहार सुहागिन महिलाओं का त्यौहार है। इस दिन भगवान शिव और पार्वती का मिलन हुआ था। घर की सुहागिन इस त्यौहार को बड़ी धूमधाम से मनाती हैं। इस त्यौहार को उमंग और उल्लास के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है।

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