अगर आप भी है पीरियड के दौरान लगाने वाले पेट की गर्मी से परेशान तो अपनाएं यह वस्तु
लड़कियों को हर महीने पीरियड्स की समस्या से गुजरना पड़ता है। इसके लिए आज हम एक नई चीज बताने वाले है। मेंस्ट्रुअल कप को लेकर महिलाओं की जानकारी काफी कम है। इसी के साथ, इन कप्स के लीक होने उनकी सुरक्षा और उनकी उपलब्धता के बारे में भी बताया गया है। इसमें सर्वे के आधार पर नतीजे निकाले गए हैं और उन महिलाओं से बात की गई है जो इसे इस्तेमाल करती हैं।
क्या है मेंस्ट्रुअल कप:
मेंस्ट्रुअल कप छोटे सिलिकॉन के बने हुए कप होते हैं जो वजाइना से पीरियड ब्लड इकट्ठा करने का काम करते हैं। इन्हें 8-10 घंटे में एक बार बदलना होता है। सिर्फ उन महिलाओं को इसे जल्दी बदलना होता है जिन्हें ज्यादा फ्लो होता है। ये शेप, साइज और मटेरियल के हिसाब से बहुत सारी तरह के आते हैं।
लगाने और निकालने का तरीका:
इसको लगाने के लिए अपने हाथों को अच्छी तरह धो लें। किसी ल्यूब्रिकेंट ट्यूब या पानी के कप की रिम पर लगा दें। अभी कप को फोल्ड करें रिम साइड को ऊपर की तरफ रखें और इसे वजाइना में डालें। ये टैम्पून की तरह ही इस्तेमाल होगा। इसके बाद इसे रोटेट करें जिससे कप खुल जाएगा। अगर ये ठीक से लगाया गया है तो ये बिलकुल भी दिक्कत नहीं देगा। उठना-बैठना, उछलना-कूदना सब कुछ हो जाएगा। इसे इस्तेमाल करने के पहले डॉक्टर से बात जरूर कर लें।
क्या है मेंस्ट्रुअल कप:
मेंस्ट्रुअल कप छोटे सिलिकॉन के बने हुए कप होते हैं जो वजाइना से पीरियड ब्लड इकट्ठा करने का काम करते हैं। इन्हें 8-10 घंटे में एक बार बदलना होता है। सिर्फ उन महिलाओं को इसे जल्दी बदलना होता है जिन्हें ज्यादा फ्लो होता है। ये शेप, साइज और मटेरियल के हिसाब से बहुत सारी तरह के आते हैं।
लगाने और निकालने का तरीका:
इसको लगाने के लिए अपने हाथों को अच्छी तरह धो लें। किसी ल्यूब्रिकेंट ट्यूब या पानी के कप की रिम पर लगा दें। अभी कप को फोल्ड करें रिम साइड को ऊपर की तरफ रखें और इसे वजाइना में डालें। ये टैम्पून की तरह ही इस्तेमाल होगा। इसके बाद इसे रोटेट करें जिससे कप खुल जाएगा। अगर ये ठीक से लगाया गया है तो ये बिलकुल भी दिक्कत नहीं देगा। उठना-बैठना, उछलना-कूदना सब कुछ हो जाएगा। इसे इस्तेमाल करने के पहले डॉक्टर से बात जरूर कर लें।
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