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प्रथ्वी पर कोराना आकाश में टीड्ढई अब पाताल में हुई हलचल 2020 का प्रमुख खतरनाक रुख

हिंद महासागर के नीचे मौजूद विशाल टेक्टोनिक प्लेट टूटने जा रही है। एक रिसर्च के मुताबिक, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच की टेक्टोनिक प्लेट आने वाले समय में खुद-ब-खुद दो हिस्सों में विभाजित हो जाएगी। हालांकि इस प्लेट के टूटने का असर इंसानों पर लंबे समय के बाद नजर आएगा। इसे भारत-ऑस्ट्रेलिया-कैपरीकॉर्न टेक्टोनिक प्लेट के रूप में भी जाना जाता है।




प्लेट काफी धीरे-धीरे अलग हो रही हैं, यानी एक साल में यह प्लेटट 0.06 इंच (1.7 मिलीमिटर) ही अलग हो रही है। लाइवसाइंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्टडी के रिसर्चर ऑरेली कॉड्यूरियर ने कहा है कि, यह एक संरचना नहीं है, जो तेजी से आगे बढ़ रही है लेकिन यह भी बाकी कि ग्रह सीमाओं की तरह ही महत्वपूर्ण है।  

यह प्लेट इतनी धीरे-धीरे अलग हो रही है कि शुरुआत में रिसर्चर यह पता ही नहीं लगा पाए कि टेक्टोनिकल प्लेट अलग हो रही है। हालांकि, हिन्‍द महासागर में एक अजीब जगह में उत्पन्न होने वाले दो मजबूत भूकंप आने के बाद रिसर्चर्स को अंदाजा हुआ कि पानी के नीचे कुछ हलचल हो रही है। 

भूकंप टेक्टोनिक प्लेट के आसपास नहीं थे, बल्कि एक अलग जगह से आए थे जो इस प्लेट के बीच में कहीं हैं। ऑरली ने कहा यह एक पहेली की तरह है। तीन प्लेटें हैं जो एक साथ जुड़ी हुई हैं और एक ही दिशा में आगे बढ़ रही हैं। प्लेट में यह टूटन समुद्र में भूकंप के कारण नहीं, बल्कि अन्य कारणों से हुई है।

हिंद महासागर में प्लेट काफी धीमी गति से टूट रही है और पानी में इसकी गहराई काफी ज्यादा है। 

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