कर्म अच्छे करो या बुरे भुगतना इसी जन्म में होगा
पुण्य अच्छे कर्मों का फल है, जिनके कारण हम सुख अनुभव करते हैं। वह कार्य जो मन को स्थायी प्रसन्नता प्रदान करे पुण्य है। पुण्य मृत्यु के बाद व्यक्ति को स्वर्ग ले जाती है।
पाप क्या है, पाप बुरे कर्म का फल है, जिससे हमें दुख मिलता है।
किसी और का बुरा चाहने की इच्छा से कर्म करने पर पाप उत्पन्न होता है।
वह कार्य जो मन को स्थायी पश्चाताप दे, पाप है। पाप मृत्यु के बाद व्यक्ति को नरक ले जाती है।
महापुरुष के जिस शब्द या वाक्य से तुम्हारी जिंदगी बदल जाए।
बस! वह शब्द और वाक्य ही ‘गुरु-मंत्र’ है। सद्गुरु के द्वारा प्रदत्त गुरु-मंत्र को अगर श्रध्दा-भक्ति से जपा जाए तो वह ईश्वर के पास ले जाती है।
पाप क्या है, पाप बुरे कर्म का फल है, जिससे हमें दुख मिलता है।
किसी और का बुरा चाहने की इच्छा से कर्म करने पर पाप उत्पन्न होता है।
वह कार्य जो मन को स्थायी पश्चाताप दे, पाप है। पाप मृत्यु के बाद व्यक्ति को नरक ले जाती है।
महापुरुष के जिस शब्द या वाक्य से तुम्हारी जिंदगी बदल जाए।
बस! वह शब्द और वाक्य ही ‘गुरु-मंत्र’ है। सद्गुरु के द्वारा प्रदत्त गुरु-मंत्र को अगर श्रध्दा-भक्ति से जपा जाए तो वह ईश्वर के पास ले जाती है।
No comments