इस तरह से अपने प्यार का इज़हार करेंगे तो 100% मान जाएगी आपकी जीवन संगनी
ज़िन्दगी जीने के दो तरीके होते है,
पहला: जो पसंद है उसे हासिल करना सीख लो…
दूसरा: जो हासिल है उसे पसंद करना सीख लो…
फूल बनकर मुस्कुराना ज़िन्दगी,
मुस्कुराके गम भुलाना ज़िन्दगी,
जीत कर कोई खुश हो तो क्या हुआ,
हार कर खुशिया मनाना भी ज़िन्दगी…
जिंदगी इंतकाम ले रही कि इम्तिहान क्या पता,
जान में आफत है कि आफत में जान क्या पता।
इसीलिए खुले छोड़े हैं हमने दिल के दरवाजे,
जाने कब कहां से आये कोई मेहमान क्या पता।
गम के सहरा में कहां तक जाओगे।
राहें-मुश्किल है बड़ी थक जाओगे।
कब तक परदे में छुपा रहा है कोई?
प्यारी नजरों को कभी तो झलक जाओगे।
हम गलत हैं कि सही आजमा तो लेते,
कभी महफिल में अपनी बुला तो लेते।
फिर कहते कि कम्बख्त चीज है बुरी,
पहले जाम होठों से लगा तो लेते।
ये अश्क हैं किसके ये किसके निशां हैं,
पिघलती मोम है ज़िंदगी किसके बयां हैं।
यहां तो खामोशी के सिवा कुछ भी नहीं,
कौन रहते हैं यहां, ये किसके मकां हैं।
अजब शहर की हालत नज़र है आती,
हर तरफ़ हाथों में मौत के सामां है।
उठ गई हैं दीवारें रिश्तों के दरमियां,
रह गए घरों में रिश्तों के गुमां हैं
ज़रा सोचकर यहां दिल लगाइए साहब,
मुहब्बत हवा का झोंका नहीं तूफ़ां है।
मिलता नहीं प्यार अदब, सलीका कहीं,
दिल सभी के यहां मतलबों के दुकां है।
ऐतबार करना मगर ज़रा संभल के ‘आस’,
कब वादों से मुकर जाये ये जुबां है।
लोग कहते है दुख बुरा होता है,
जब भी आता है रुलाता है,
मगर हम कहते है दुख अच्छा होता है,
जब भी आता है कुछ सिखाता है…
जीत और हार आपकी सोच पर ही निर्भर करती है,
मान लो तो हार होगी,ठान लो तो जीत होगी…


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