PM नरेंद्र मोदी ने की 'मन की बात' कोरोना संकट, लॉकडाउन पर दिया ये आदेश
कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का संकट मोचन माना जा रहा है। नरेंद्र मोदी ने तत्परता दिखाते हुए कोरोना वायरस से बचाव के लिए देश में लॉक डाउन की घोषणा की जिसको देश समेत विदेश के लोगों ने भी माना और सराहा कि मोदी के इस तत्परता से भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण की संख्या में बहुत तेजी से इजाफा नहीं हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए विश्व भर में हुए एक सर्वे में सर्वोच्च स्थान दिया गया।
नरेंद्र मोदी रविवार 26 अप्रैल को एक बार फिर मन की बात के जरिए देश को संबोधित करेंगे।जाहिर सी बात है कि नरेंद्र मोदी मन की बात में कोरोना वायरस के कहर और बचाव की बात करेंगे। बता दें कि नरेंद्र मोदी के मन की बात का यह 64 वां संस्करण है। नरेंद्र मोदी का मन की बात कार्यक्रम हर महीने के आखिरी रविवार को प्रसारित होता है। नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है। लेकिन कोरोना काल में नरेंद्र मोदी का भाषण और देश के नाम संबोधन देशवासियों को संकट की घड़ी में ऊर्जावान कर रहा है। फिलहाल नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम में देखने वाली बात यह होगी कि नरेंद्र मोदी 3 मई तक चलने वाले लॉक डाउन को खत्म करते हैं या कोरोना संकट को देखते हुए इसे और आगे तक बढ़ाने का एलान करते हैं।
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से निपटने और लॉकडाउन से उपजे हालातों के बीच 63वें मन की बात संस्करण में पीएम मोदी ने सबसे पहले लॉकडाउन की वजह से लोगों को हो रही परेशानियों के लिए माफी मांगी और कहा कि यह देश और देशवासियों को बचाने के लिए जरूरी था।
पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कहा था कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई जीवन और मृत्यु के बीच की लड़ाई है और हमें इस जंग तो जीतना ही होगा। उन्होंने कहा कि अभी जो हालात हैं, उसमें आप सभी को सोशल डिस्टेंसिंग बढ़ाने और इमोशनल डिस्टेंसिंग घटाने की जरूरत है। उन्होंने कोरोना के खिलाफ जंग में योगदान देने वाले फ्रंट लाइन सोल्जर्स का भी धन्यवाद दिया।


No comments