रामायण मे पहले ही बता दिया था कोरोना महामारी के बारे मे, क्या आपने गौर किया
क्या आपको पता है कि रामायण में भी इसका जिक्र किया गया है। हम आपको बता दे कि यह खबर आपको सही दी जाएगी। अगर आपको हमसे कोई संदेह है तो आप कृपा रामायण के दोहे को देखकर और हमारे दोहे से भी देख कर दोनों को मैच कर सकते हैं।

इस बीमारी का जिक्र पवित्र ग्रंथ में कई सालों पहले ही कर दिया गया था। श्रीरामचरित्रमानस रामायण में गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामायण में बताया है कि कोरोना नाम की महामारी का मूल स्रोत चमगादड़ पक्षी होगा और इसी के साथ ही इसमें ये भी लिखा है कि इस बीमारी को पहचाने के मुख्य लक्ष्ण क्या होंगे।
1.दोहा
सब कै निंदा जे जड़ करहीं. ते चमगादुर होइ अवतरहीं॥ सुनहु तात अब मानस रोगा. जिन्ह ते दु:ख पावहिं सब लोगा॥
2.अर्थ
2.अर्थ
कोरोना के बारे में उन्होंने लिखा है कि इस बीमारी में कफ और खांसी बढ़ जाएगी और फेफड़ों में एक जाल या आवरण उत्पन्न होगा
3. दोहा
मोह सकल ब्याधिन्ह कर मूला. तिन्ह ते पुनि उपजहिं बहु सूला.. काम बात कफ लोभ अपारा. क्रोध पित्त नित छाती जारा..
4.अर्थ
4.अर्थ
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