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मिल गया गया विकास दुबे के एनकाउंटर का चश्मदीद गवाह, पुलिस ने किया गिरफ्तार, बताया आँखों देखा हाल

विकास दुबे को 10 जुलाई को उत्तरप्रदेश पुलिस ने इनकाउंटर में मार गिराया था।अब कानपुर पुलिस ने घटना के 15 वे दिन एक जेसीबी ड्राइवर राहुल पाल को गिरफ्तार किया हैं। वे वहीं शख्स हैं जिसने गेंगेस्टर विकास दुबे के कहने पर पुलिस के अमले के सामने जेसीबी लगाकर उनका रास्ता रोका था। वहीं आरोपी राहुल पाल उस पूरे शूटआउट के एक चश्मदीद गवाह भी हैं।
PHOTOS Kanpur Gangster Vikas Dubey Encounter jagran special
आरोपी राहुल ने पुलिस को बताया हैं कि उस दिन विकास दुबे के घर के छत पर 20-25 लोग बन्दूक और असले लेकर बैठे थे, जिन्होंने पुलिस पर गोलियां बरसाई और विकास दुबे के गनकट कहने के बाद सभी वहाँ से भाग खड़े हुये।आरोपी राहुल से पूछताछ में उसने बताया कि 2 जुलाई के दिन वह अपने खेतों पर काम कर रहा था तभी वहाँ आरोपी विकास दुबे के मामा पांडेय ने उसको जेसीबी लेकर चलने को कहा और कहा कि चलो विकास भैया ने बुलाया हैं अर्जेंट काम हैं। राहुल ने कहा कि जब में बिकरु गाँव पहुँचा तो देखा कि वहाँ पर काफी लोग खड़े थे।जहाँ पर में जेसीबी खड़ी करता था वहीं साइड में खड़ी करने लगा जिस पर विकास दुबे ने कहा कि इसको बीच रास्ते पर खड़ी कर दो,जब मैने कहा कि बेच रास्ते पर खड़ी करने में रास्ता जाम हो जाएगा तो उसने कहा कि जितना बोला जाये उतना कर ज्यादा बकवास करने का टाइम नहीं हैं।
Kanpur Gangster Vikas Dubey Killed in Encounter with UP STF ...
विकास ने आगे कहा कि मैने गाड़ी को रास्ते मे लगा दिया और नीचे उतने लगा तो विकास दुबे ने वहीं सोने के लिये कहा।उसके थोड़ी देर बाद वहाँ मौजूद धीरू नाम के शख्स ने कहा कि इसको ले जाकर छत पर बंद कर दोमुझे विकास दुबे की छत पर चढ़ा दिया गया।और गेट की कुंडी बंद कर दी। जब मै छत पर पहुँचा तो मैंने देखा कि 20-25 लोग बैठे हुये है और सभी के हाथ मे हथियार हैं । इनमे से विकास दुबे, अमर दुबे, प्रेम प्रकाश को में पहचानता था। बाकी चहरे नये थे। उनको नहीं जानता था।
राहुल ने कहा में बहुत घबराया हुआ था,कुछ देर बाद वहां फायरिंग होने लगी। मैंने छत के छज्जे के साथ छिपकर जान बचाई। बहुत ही जबरदस्त फायरिंग हुई। और 20-25 मिनट तक फायरिंग होती रही। उसके बाद विकास दुबे ने गनकट कहने के बाद एक दम से फायरिंग रूल गई। और सारे लोग वहाँ से निकल गये। तब मुझे पता चला कि ये फायरिंग पुलिस पर की जा रही थी। उसके बाद में काफी घबरा गया था। फिर 20-25 मिनट बाद फायरिंग बंद होने के बाद मैंने नीचे देखा तो वहाँ टॉर्च ही टॉर्च चमक रही थी। फिर में वहाँ से जैसे-तैसे निकल कर भाग निकला।

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