शिक्षा विभाग में इतना बड़ा घपला सुनकर दवा जाएंगे दाँतो तले उंगली
उत्तर प्रदेश:-उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जो प्रशासन और यूपी सरकार के लिए गले की फांस बना हुआ है. एक शिक्षिका पर आरोप है कि वो एक दो नहीं बल्कि 25 जगहों पर एक साथ काम करती रही और पूरा वेतन भी लेती रही. मामले के खुलासे के बाद जिले से भी उन्हें नोटिस जारी स्पष्टीकरण तलब किया गया है.
अमेठी के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में तैनात ये शिक्षिका बेसिक शिक्षा विभाग में काफी चर्चित हो चुकी है. विज्ञान की शिक्षिका का आरोप है कि वह एक या दो नहीं बल्कि 25 जनपदों में एक साथ काम कर रही हैं. जहां तक अमेठी जनपद का सवाल है कि तो अधिकारियों की मानें तो उन्होंने पिछले साल नवंबर में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय अमेठी में पूर्णकालिक विज्ञान शिक्षिका के पद पर नियुक्ति पाई थी.
अधिकारियों के मुताबिक इस समय शिक्षिका विद्यालय आती थी, इस दौरान शिक्षिका को 6 माह का वेतन भी दिया जा चुका है. उधर इतने बड़े फर्जीवाड़े खुलासे के बाद बीएसए ने पत्र जारी कर पत्र मिलने की एक सप्ताह के भीतर शिक्षिका से उनके वास्तविक दस्तावेज जमा कराने के लिए तलब किया है. ऐसा ना होने की स्थिति में एफआईआर की भी चेतावनी दी है.
बीएसए विनोद कुमार मिश्रा का मानना है कि मैनपुरी जिले के हसनपुर निवासी शिक्षिका अनामिका शुक्ला पर कई जनपदों पर कूटनीतिक दस्तावेज लगाकर कार्य कराने का आरोप है. अगर उनकी तरफ से संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी.
अमेठी के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में तैनात ये शिक्षिका बेसिक शिक्षा विभाग में काफी चर्चित हो चुकी है. विज्ञान की शिक्षिका का आरोप है कि वह एक या दो नहीं बल्कि 25 जनपदों में एक साथ काम कर रही हैं. जहां तक अमेठी जनपद का सवाल है कि तो अधिकारियों की मानें तो उन्होंने पिछले साल नवंबर में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय अमेठी में पूर्णकालिक विज्ञान शिक्षिका के पद पर नियुक्ति पाई थी.
बीएसए विनोद कुमार मिश्रा का मानना है कि मैनपुरी जिले के हसनपुर निवासी शिक्षिका अनामिका शुक्ला पर कई जनपदों पर कूटनीतिक दस्तावेज लगाकर कार्य कराने का आरोप है. अगर उनकी तरफ से संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी.
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