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UP CM ने निभाया अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर मातृत्व ओर लिख डाली अनोखी कहानी जाने क्या है ये ..

दुनिया में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को धूमधाम से मनाया जा रहा है। आज पुरुषों के मुकाबले किसी भी क्षेत्र में महिलाएं पीछे नहीं हैं। कहा जाता है कि महिलाएं न केवल परिवार को सशक्त बनाती हैं बल्कि जितनी मजबूत महिला होगी उतना ही मजबूत परिवार और समाज होगा।



यहां पर हम एक खास महिला के बारे में बताएंगे जो सिर्फ सामान्य दिखती हैं। उनकी कोख से एक ऐसा बेटा जन्मा जिसने न केवल सांसारिक मोह माया को त्याग कर आधायात्म के रास्ते पर चल पड़ा। बल्कि आज धर्म आधायात्म और राजसत्ता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर देश के सबसे बड़े सूबे की करीब 21 करोड़ जनता की सेवा कर रहा है।




जी हां हम बात सीएम योगी आदित्यनाथ और उनकी मां सावित्री देवी की कर रहे हैं।


अविभाजित उत्तर प्रदेश के पौड़ी गढ़वाल (वर्तमान में) का छोटा सा गांव पंचुर आम गांवों की तरह ही था। अगर कहें कि यह गांव इतिहास के पन्नों में अंकित होने के लिए बना था तो गलत नहीं होगा। 1972 का वो साल था जब आनंद सिंह और सावित्री देवी को एक ऐसे पुत्ररत्न अजय सिंह की प्राप्ति हुई जो इतिहास बनाने के लिए पैदा हुआ था। मात्र 22 साल की उम्र में अजय सिंह सांसारिक मोह माया के बंधन को त्यागा और संन्यास के रास्ते को चुन लिया। यहां पर हम सीएम योगी आदित्यनाथ के पूरे परिवार को सामने रखेंगे जिसे हर कोई जानना चाहता है।
आनंद सिंह बिष्ट-पिता- किसान


सावित्री देवी -मां- गृहिणी

सीएम योगी नाथ के तीन भाई मानेंद्र सिंह, शैलेंद्र मोहन और महेंद्र सिंह हैं, जबकि तीन बहनें पुष्पा देवी, कौशल्या और शशि देवी।

योगी आदित्यनाथ

22 साल की उम्र में अजय सिंह यानी सीएम योगी आदित्यनाथ ने संन्यास ले लिया। 1994 में नाथपंथ के सिद्धमठ गोरक्षनाथ मंदिर गोरखपुर में महंत अवैद्यनाथ ने उत्तराधिकारी के तौर पर दीक्षाभिषेक किया।5 जून 1972 को योगी आदित्यनाथ का जन्म हुआ था। लेकिन नाथ संप्रदाय में दीक्षित होने के बाद अजय सिंह से योगी आदित्यनाथ हो गया।

Credit timesnow

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