जानिए रामनवमी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
दोस्तों हम आपको की राम नवमी हिन्दू धर्म का एक पावन त्यौहार है। बताते चलें की यह त्यौहार भगवान श्रीराम को समर्पित है। इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्त्म श्रीराम का जन्म हुआ था। इसलिए रामनवमी के दिन भगवान राम की विशेष पूजा-अर्चना होती है। इस बार राम नवमी 2 अप्रैल को है और रामनवमी का मुहूर्त कब है और इसकी पूजा विधि क्या है। आइए जानते हैं---
रामनवमी का पर्व प्रति वर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को पड़ता है। इस वर्ष यह तिथि 2 अप्रैल को पड़ रही है। इसलिए राम नवमी 2 अप्रैल को है। हिन्दू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार त्रेतायुग में इसी तिथि के दिन अयोध्या में राजा दशरथ और माता कौशल्या के यहां भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था। भगवान श्रीराम विष्णु जी के ही अवतार हैं।
जानिए राम नवमी 2020 पूजा मुहूर्त
2 अप्रैल- 2020 गुरुवार सुबह 11:10 बजे से दोपहर 1:38 बजे तक
नवमी तिथि आरंभ – 03:39 (2 अप्रैल 2020)
नवमी तिथि समाप्त – 02:42 (3 अप्रैल 2020)
जाने कैसे मनायी जाता है राम नवमी
रामनवमी के दिन भगवान श्रीराम की उपासना की जाती है। श्रीराम की मूर्तियों को गंगा जल से स्नान कराया जाता है। उनकी मूर्ति को पालने में झुलाया जाता है। इस दिन भक्त रामायण का पाठ करते हैं। साथ ही भक्त उनके स्मरण में रामरक्षा स्तोत्र का भी पाठ करते हैं। इस दिन राम मंदिर में भगवान श्रीराम के भजन-कीर्तन गाये जाते हैं। भक्त झांकियां भी निकालते हैं। लोग उनकी आराधना व्रत-उपवास करते हैं।
दोस्तों आप सभी से यही अपील है की रामनवमी को प्यार से मनाये और रामनवमी से जुडी कोई महत्वपूर्ण जानकारी आप हमें देना चाहते है हैं तो कमेंट और फॉलो जरूर करें|
रामनवमी का पर्व प्रति वर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को पड़ता है। इस वर्ष यह तिथि 2 अप्रैल को पड़ रही है। इसलिए राम नवमी 2 अप्रैल को है। हिन्दू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार त्रेतायुग में इसी तिथि के दिन अयोध्या में राजा दशरथ और माता कौशल्या के यहां भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था। भगवान श्रीराम विष्णु जी के ही अवतार हैं।
जानिए राम नवमी 2020 पूजा मुहूर्त
2 अप्रैल- 2020 गुरुवार सुबह 11:10 बजे से दोपहर 1:38 बजे तक
नवमी तिथि आरंभ – 03:39 (2 अप्रैल 2020)
नवमी तिथि समाप्त – 02:42 (3 अप्रैल 2020)
जाने कैसे मनायी जाता है राम नवमी
रामनवमी के दिन भगवान श्रीराम की उपासना की जाती है। श्रीराम की मूर्तियों को गंगा जल से स्नान कराया जाता है। उनकी मूर्ति को पालने में झुलाया जाता है। इस दिन भक्त रामायण का पाठ करते हैं। साथ ही भक्त उनके स्मरण में रामरक्षा स्तोत्र का भी पाठ करते हैं। इस दिन राम मंदिर में भगवान श्रीराम के भजन-कीर्तन गाये जाते हैं। भक्त झांकियां भी निकालते हैं। लोग उनकी आराधना व्रत-उपवास करते हैं।
दोस्तों आप सभी से यही अपील है की रामनवमी को प्यार से मनाये और रामनवमी से जुडी कोई महत्वपूर्ण जानकारी आप हमें देना चाहते है हैं तो कमेंट और फॉलो जरूर करें|

No comments