भारत अब नही रहेगा किसी भी तरह इनसे पीछे हाल ही में किया इतना बड़ा काम जिसने दुनिया को चोंकाया
मिशन चंद्रयान-2 अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। इस बीच वह लोगों में उत्सुकता बढ़ा रहा है, साथ ही कुछ ऐसे फोटो भी भेज रहा है जो हमने पहले कभी नहीं देखी। ये फोटो हमें हमारी धरती से दिखने वाले खूबसूरत चांद से कुछ अलग है। इसरो ने चंद्रयान-2 द्वारा भेजी चांद की तस्वीरों को शेयर किया है जिनमें चांद चमकता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है। तस्वीर को देखकर तो यही लग रहा है कि जिस चांद को हम चमकता हुआ कहते हैं वो हकीकत नहीं है।
ऐसे दिखते हैं चंदामामा, चंद्रयान 2 ने भेजी चांद की बहुत करीब से तस्वीरों का समूह
भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने चंद्रयान-2 द्वारा खींची गई पहली फोटो शेयर की। इसरो अपने ट्वीटर अकाउंट से ट्वीट पर लिखा कि, ‘चंद्रयान-2 विक्रम लैंडर द्वारा चांद की सतह से 2,650 किलोमीटर की ऊंचाई से 21 अगस्त 2019 को खींची गई चांद की पहली तस्वीर देखें।’ वहीं इसरो ने इस ट्वीट में आगे लिखा, इस तस्वीर में मेयर ओरिएंटल बेसिन और अपोलो क्रेटर की पहचान की जा सकती है।
पृथ्वी का एकमात्र उपग्रह है चंद्रमा
चंद्रमा पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है। यह पृथ्वी से 4,84,400 किलोमीटर की दूर स्थित है। यह पृथ्वी के चारों चक्कर लगाता है जिस प्रकार हमारी पृथ्वी सूर्य के लगाती है। इस वजह से हम चंद्रमा को पूरा नहीं देख सकते हैं, बल्कि उसका कुछ भाग ही हम देख पाते हैं। यहां पर कोई वातावरण नहीं है।
चांद की अपनी कोई रोशनी नहीं होती है, न ही स्वयं की ऊर्जा। वह सूर्य की किरणों के प्रभाव से चमकता है। रात के समय जब चंद्रमा पर सूर्य की किरणें पड़ती है, इसलिए हमें चंद्रमा चमकता दिखाई देता है।



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