किसी भी देश की महिला स्पिनर्स के लिए बड़ा खतरा है इंडिया की ये यंग प्लेयर
मिताली राज़ के टी ट्वेंटी फॉर्मेट से संन्यास लेने के बाद युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल होने का रास्ता बन गया और दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ खेली जाने वाली टी ट्वेंटी सीरीज के लिए पंद्रह साल की शेफाली वर्मा ने भारतीय महिला टीम में जगह बना ली है। हरियाणा की शेफाली को महिला टी ट्वेंटी चैलेंज में अच्छे प्रदर्शन के आधार पर टीम में चुना गया है। पांच साल पहले आँखों में चमक लिए शैफाली वर्मा लाहाली के मैदान पर अपने आदर्श सचिन तेदुलकर की झलक पाने के लिए दर्शकों के बीच पहुंची थी।
और इस लम्हे ने ही तब उस दस साल की लड़की को इस खेल से जुड़ने के लिए मोटिवेट किया। पंद्रह साल की सेफाली को दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ टी ट्वेंटी सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह मिल गयी है। लाहली में हुआ ये मैच कोई आम मैच नहीं था बल्कि अंतरराष्ट्रीय संन्यास से पहले सचिन तेन्दुलकर ने अपना आखिरी रणजी मैच खेला था।
शैफाली ने कहा जितने लोग उस मैच में सचिन सर को अंदर देखने के लिए खड़े थे उतने ही बाहर थे तभी मैने महसूस किया कि भारत में क्रिकेट बनना कितनी बड़ी बात है खासतौर पर तब जब सचिन जैसे पूजनीय हूँ मैं उस दिन को कभी नहीं भुला सकती मेरी क्रिकेट की यात्रा वहीं से शुरू हुई
भारत के लिए चुनी गई सबसे युवा खिलाड़ियों में शामिल रोहतक कि शेफाली का सफर शानदार रहा। उन्होंने पांच साल पहले खेलना शुरू किया और हरयाणा के लिये पहले ही तीन सत्र खेल चुकी हैं। शैफाली का पसंदीदा शॉट स्पिनर के ख़िलाफ़ आगे बढ़कर सीधा सिक्स लगाना है।




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