ज्योतिष के अनुसार कभी भी मोमबत्ती, दीपक या माचिस की तीली इस तरह न बुझाए
वास्तु शास्त्र में आज आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए अग्नि के बारे में। प्रत्येक दिशा का संबंध किसी न किसी तत्व से अवश्य होता है। अग्नि का संबंध दक्षिण-पूर्व, यानी आग्नेय कोण से है। अग्नि से संबंधित सभी चीज़ें हमें इसी दिशा में रखनी चाहिए।
हमारा शरीर पंचतत्वों से मिलकर बना है और इन पंचत्तवों- जल, वायु, आकाश, धरती में से एक अग्नि भी है। कहते हैं अग्नि इन पांचों तत्वों में से सबसे कम मात्रा में पाई जाती है। लेकिन अग्नि हमारे पाचन तंत्र से जुड़ी हुई है।



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