इस स्कीम के तहत 3.78 करोड़ किसानों के बैंक एकाउंट में भेजे गए 10-10 हजार रुपये, देखेये किस-किसको मिलेगा पैसा
मोदी सरकार ने देश के 3.78 करोड़ किसान परिवारों को खेती-किसानी के लिए उनके बैंक एकाउंट में अब तक 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि डाल दी है। ये सब पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम की पांचवीं किश्त के लाभ पाने वाले हैं। ये वे लोग हैं जिन्हें 1 दिसंबर 2018 से स्कीम के तहत पैसा मिल रहा है। इनका सारा रिकॉर्ड दुरुस्त है। तो फिर आप क्यों देर कर रहे हैं। आप भी तो अपने रिकॉर्ड अच्छा रखिए। आधार, बैंक एकाउंट व रेवेन्यू रिकॉर्ड अच्छा है तो आपको भी पैसा लेट लतीफ मिलेगा।

पीएम किसान योजना के तहत तीन किश्त में सालाना 6-6 हजार रुपये मिलते हैं। देश में 7.98 करोड़ किसान ऐसे हैं जिन्हें तीन किश्त मिली है। वैसे अब इसकी छठीं किश्त का पैसा देने की तैयारी हो रही है। एक अगस्त से ये कार्य प्रारम्भ हो जाएगा। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत देश में अब तक 10 करोड़ से अधिक किसान रजिस्टर्ड हो चुके हैं। अब सिर्फ 4.4 करोड़ किसान ही इससे वंचित हैं।
किसानों की आय बढ़ाने में सबसे बड़ी मददगार योजना है पीएम-किसान
तीन दस्तावेजों से करवाएं रजिस्ट्रेशन
इस स्कीम के तहत परिवार की परिभाषा पति-पत्नी व नाबालिग बच्चे हैं। इसलिए जिस भी बालिग आदमी का नाम रेवेन्यू रिकॉर्ड में दर्ज है वो इसका अलग से लाभ लेकर अपनी खेती-किसानी को आगे बढ़ा सकता है। इसका अर्थ यह है कि एक ही खेती योग्य जमीन के भूलेख लेटर में अगर एक से ज्यादा व्यस्क मेम्बर के नाम दर्ज हैं तो योजना के तहत हर व्यस्क मेम्बर अलग से फायदा के लिए पात्र होने कि सम्भावना है। इसके लिए रेवेन्यू रिकॉर्ड के अतिरिक्त आधार कार्ड व बैंक एकाउंट नंबर की आवश्यकता पड़ेगी।
पैसा न मिले तो क्या करें
अगर आपको पहले हफ्ते में पैसा न मिले तो अपने लेखपाल, कानूनगो व जिला कृषि ऑफिसर से सम्पर्क करें। वहां से बात न बने तो केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से जारी हेल्पलाइन (PM-Kisan Helpline 155261 या 1800115526 (Toll Free) पर सम्पर्क करें। वहां से भी बात न बने तो मंत्रालय के दूसरे नंबर ( 011-24300606, 011-23381092) पर बात करें।
इन ‘किसानों’ को नहीं मिलेगा लाभ
1. ऐसे किसान जो भूतपूर्व या वर्तमान में संवैधानिक पद धारक हैं, वर्तमान या पूर्व मंत्री हैं, मेयर या जिला पंचायत अध्यक्ष हैं, विधायक, एमएलसी, लोकसभा व राज्यसभा सांसद हैं तो वे इस स्कीम से बाहर माने जाएंगे। भले ही वो किसानी भी करते हों।
2. केन्द्र या प्रदेश सरकार में ऑफिसर एवं 10 हजार से अधिक पेंशन पाने वाले किसानों को फायदा नहीं।
3. पेशेवर, डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, वकील, आर्किटेक्ट, जो कहीं खेती भी करता हो उसे फायदा नहीं मिलेगा।
4. पिछले वित्तीय साल में आयकर का भुगतान करने वाले किसान इस फायदा से वंचित होंगे।
5. केन्द्र व प्रदेश सरकार के मल्टी टास्किंग स्टाफ/चतुर्थ श्रेणी/समूह डी कर्मचारियों फायदा मिलेगा।

पीएम किसान योजना के तहत तीन किश्त में सालाना 6-6 हजार रुपये मिलते हैं। देश में 7.98 करोड़ किसान ऐसे हैं जिन्हें तीन किश्त मिली है। वैसे अब इसकी छठीं किश्त का पैसा देने की तैयारी हो रही है। एक अगस्त से ये कार्य प्रारम्भ हो जाएगा। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत देश में अब तक 10 करोड़ से अधिक किसान रजिस्टर्ड हो चुके हैं। अब सिर्फ 4.4 करोड़ किसान ही इससे वंचित हैं।
किसानों की आय बढ़ाने में सबसे बड़ी मददगार योजना है पीएम-किसान
तीन दस्तावेजों से करवाएं रजिस्ट्रेशन
इस स्कीम के तहत परिवार की परिभाषा पति-पत्नी व नाबालिग बच्चे हैं। इसलिए जिस भी बालिग आदमी का नाम रेवेन्यू रिकॉर्ड में दर्ज है वो इसका अलग से लाभ लेकर अपनी खेती-किसानी को आगे बढ़ा सकता है। इसका अर्थ यह है कि एक ही खेती योग्य जमीन के भूलेख लेटर में अगर एक से ज्यादा व्यस्क मेम्बर के नाम दर्ज हैं तो योजना के तहत हर व्यस्क मेम्बर अलग से फायदा के लिए पात्र होने कि सम्भावना है। इसके लिए रेवेन्यू रिकॉर्ड के अतिरिक्त आधार कार्ड व बैंक एकाउंट नंबर की आवश्यकता पड़ेगी।
पैसा न मिले तो क्या करें
अगर आपको पहले हफ्ते में पैसा न मिले तो अपने लेखपाल, कानूनगो व जिला कृषि ऑफिसर से सम्पर्क करें। वहां से बात न बने तो केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से जारी हेल्पलाइन (PM-Kisan Helpline 155261 या 1800115526 (Toll Free) पर सम्पर्क करें। वहां से भी बात न बने तो मंत्रालय के दूसरे नंबर ( 011-24300606, 011-23381092) पर बात करें।
इन ‘किसानों’ को नहीं मिलेगा लाभ
1. ऐसे किसान जो भूतपूर्व या वर्तमान में संवैधानिक पद धारक हैं, वर्तमान या पूर्व मंत्री हैं, मेयर या जिला पंचायत अध्यक्ष हैं, विधायक, एमएलसी, लोकसभा व राज्यसभा सांसद हैं तो वे इस स्कीम से बाहर माने जाएंगे। भले ही वो किसानी भी करते हों।
2. केन्द्र या प्रदेश सरकार में ऑफिसर एवं 10 हजार से अधिक पेंशन पाने वाले किसानों को फायदा नहीं।
3. पेशेवर, डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, वकील, आर्किटेक्ट, जो कहीं खेती भी करता हो उसे फायदा नहीं मिलेगा।
4. पिछले वित्तीय साल में आयकर का भुगतान करने वाले किसान इस फायदा से वंचित होंगे।
5. केन्द्र व प्रदेश सरकार के मल्टी टास्किंग स्टाफ/चतुर्थ श्रेणी/समूह डी कर्मचारियों फायदा मिलेगा।
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