यदि आपको लगता है कि तकिया लगाकर ही अच्छी नींद आती है, तो इसे जरूर पढ़े
यदि आपको लगता है कि तकिया लगाकर ही अच्छी नींद आती है तो आप गलत हैं। रिसर्च से पता चला है कि बिना तकिए के सोने से नींद बेहतर आती है और इससे नींद ना आने की परेशानी भी दूर हो जाती है। क्योंकि ऐसे सोने से रीढ़ से लेकर पैरों की हड्डियों तक सभी कुछ अपने सही पॉश्चर में होता है।
अगर तकिया बहुत मोटा है तो हमारी गर्दन चिन की तरफ झुक जाती है। जिससे खर्राटे आने की प्रॉब्लम हो सकती है।
इसी के साथ आपको बता दें कि अगर आप पेट के बल सोते हैं तो इससे अपके सिर और गर्दन को ज्यादा सहारे की जरूरत नहीं होती ऐसे में पतला और मुलायम तकिए का प्रयोग कर सकते हैं।
यदि आप पीठ के बल सोते हैं तो इसके लिए मध्यम आकार का तकिया लगा सकते हैं। दाएं और बाएं करवट लेने पर ऊंचे-चौड़े और थोड़े सख्त तकिए का इस्तेमाल करना चाहिए जो गद्दे और सिर के बीच के अंतर में समाते हुए गर्दन को रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें।
क्या आप जानते है की हेल्थ टिप्स में 24 से 36 महीने के बीच में तकिया बदलने की सलाह दी जाती हैं। और नींद विशेषज्ञ बताते है कि 4 से 6 इंच ऊंचा तकिया सिर , गर्दन, कंधे का सबसे अच्छा सपोर्ट करते हैं।


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