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कोरोना से पीड़ित लोगों को अस्थायी अस्पताल में दिया जा रहा है घर जैसा माहौल।

सरदारशहर (चूरू ):- चुरू के विद्यालय में सुबह के छह बजे हैं। चिडिय़ों की चहचहाट के बीच श्री भंवरलाल दूगड़ आयुर्वेद विश्व भारती महाविद्यालय गांधी विद्या मंदिर में भी हलचल शुरू हो जाती है। सात बजते-बजते इसके विभिन्न कक्षों के दरवाजे खुलते हैं। कई लोग हॉल में एकत्रित होते हैं। जहां दो-दो तीन-तीन मीटर दूर एक सीध में बैठ जाते हैं। इसके बाद सांसों पर नियंत्रण के साथ योग-प्राणायाम की कार्यशाला शुरू होती है। इसमें क्वारेंटाइन किए गए लगभग सारे लोग शामिल होते हैं।

फिलहाल यहां 90 लोग क्वारेंटाइन हैं, जिनमें वे दस लोग भी शामिल हैं, जो 30 मार्च के बाद से उनके मिलने के बाद विभिन्न चरणों में हुए सैंपल टेस्ट में कोरोना संक्रमित पाए गए थे। फिलहाल, इनकी तीन रिपोर्ट लगातार निगेटिव आ चुकी हैं और यह सभी लोग इस संस्थान में क्वारेंटाइन हैं। इनको यहां पर क्वारेंटाइन के 28 दिन पूरा होने तक रखा जाएगा। ये अलग-अलग कक्ष में रखे गए हैं। योग प्रणायाम के समय भी ये कक्ष में ही रहते हैं। इनके समस्त रिश्तेदारों एवं पड़ोसियों को भी यहां पर क्वॉरेंटाइन किया गया था परंतु जांच रिपोर्ट में नेगेटिव आने तथा स्वास्थ्य विभाग तथा प्रशासन के नियमानुसार उनकी 14 दिन की अवधि पूरी होने पर संस्था की ओर से उनको घर पर दवाइयों एवं हिदायत के साथ छोड़ दिया गया है।


इनमें पदमपुर के 10 मजदूर भी थे। 127 व्यक्तियों को स्वस्थ होने पर तथा उनकी क्वॉरेंटाइन अवधि पूरी होने पर उनको डिस्चार्ज किया जा चुका है। आयुर्वेद चिकित्सालय की डॉक्टरों की 5 अनुभवी टीमे प्राचार्य डा.रविंद्र कुमार चौधरी के साथ मिलकर 24 घंटे रोगियों की देखरेख कर रही हैं। इन्हें पूर्ण समय वार्डों अथवा इनके कक्षों में ही रखा जाता है।


सुबह के नाश्ते में  दिया जा रहा चाय-दूध एवं अल्पाहार
प्रणायाम के बाद 9 बजे सभी को अल्पाहार एवं चाय दी जाती है। नियमित रूप से साढ़े 9 बजे इन्हें इम्यूनिटी पावर विकसित करने के लिए नियमित रूप से सर्वज्वरहर काढ़े का सेवन कराया जाता है। 11 बजे से 12 बजे तक सभी रोगियों की काउंसलिंग एवं नियमित चेकअप किया जाता है।

गुणवत्तायुक्त भोजन के साथ छाछ भी

अपराहन 1 बजे सभी को गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं छाछ दी जाती है। सायंकाल 4 बजे दूध, चाय एवं हल्का अल्पाहार दिया जाता है। सायंकाल 6 बजे सभी को योगा एवं प्राणायाम करवाया जाता है। शाम को 7 बजे पुन: एंटीवायरल सर्वज्वरहर काढ़े का सेवन कराया जाता है। रात्रि 8 बजे हल्का एवं सुपाच्य भोजन कराया जाता है। रात्रि 9 से 10 तक डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ के द्वारा काउंसलिंग एवं मेडिकल चेकअप किया जाता है और दवाइयां दी जाती हंै। इसके अलावा किसी की विशेष आवश्यकतानुसार भी उपयुक्त मांग पूरी की जाती है।

स्पेशल टीम की गई हैं गठित
इस समय आयुर्वेद विश्व भारती के प्राचार्य डॉ रविंद्र कुमार के नेतृत्व में डॉक्टर कुलतार सिंह, डॉक्टर त्रिभुवनाथ मिश्रा, डॉक्टर लोकेश गुप्ता, डा.धर्मेंद्र शर्मा, डा.सुरेंद्र गौतम, डा.नवरतन शर्मा, डा.ओमप्रकाश पांडेय, डा.आशीष सिंह, राजेंद्र तिवारी, हरिओम दान, राजेश चौधरी, केयूरी दूगड़, गुरुवचन, विनोद सेन, जगदीश नाई आदि अपना संपूर्ण समय चिकित्सालय में रोगियों की सेवा करने में दे रहे हैं। प्रत्येक दिन नियमित रूप से अस्पताल परिसर एवं क्वॉरेंटाइन वार्डों में सैनैटाइजेशन एवं स्वच्छता का कार्य किया जा रहा है। पॉजिटिव आए मरीजों को अलग-अलग कमरों में रखा जाता है।

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