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हद जायदा प्यार करने से भी दिल में शक होने लगता है, जानिए वजह

प्यार या दोस्ती के रिश्तों में हर किसी को एक ऐसी बात से जरूर गुजरना होता है जो कि की बार रिश्तों का अंत तक बन जाती है। बहुत छोटा सा दो अक्षर का शब्द होता है " शक" जो कि किसी भी अच्छे रिश्ते में घुन की तरह लग जाता है या उस रिश्ते को दीमक की तरह चाट कर हमेशा के लिए खत्म तक कर देता है।

जब आप किसी को बेइंतहा प्यार करते हैं तो उसका व्यवहार और विचार आपकी जिन्दगी में बहुत ज्यादा मायने रखने लगते हैं। आपकी अपेक्षाएं भी बढ़ती हैं और अपने पार्टनर से उम्मीदें भीं।अगर रुसवाई हो तब भी शक होता है और यदि आपको महत्वता कम दी जाने लगे तब भी शक होता है।शक ज्यादातर वहां जन्म लेता है जजबकि एक साथी बहुतों से मिलता हो और आपको समय देने से कतराने लगता हो। शक वहां भी जन्म जरूर लेता है जबकि आपके साथी का व्यवहार औरों के प्रति बेहद उत्साहजनक और  शानदार हो जबकि आपके प्रति रूखा और तल्खी भरा।

किन्ही दो के बीच अगर तीसरा आता है तो शक की इंतहा ही हो जाती है। दो के बीच तीसरा आना सिर्फ और सिर्फ शक और झगड़े को जन्म देता है और अधिकतर एक शानदार रिश्ते को जरूर तोड़ देता है।शक करने की वजह में व्यवहार और समय सबसे अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तो साथ ही " छुपाना" किसी भी शक की आग में घी या पेट्रोल का काम करता है।अगर आपको रिश्ते निभाने और रिश्तों की महत्वता को महत्व देने की समझ है तो आपको सबसे पहले अपने व्यवहार को उचित और संयमित रखना बहुत जरूरी है।


कोशिश हमेशा इस बात की करें कि गलतफहमी जल्द से जल्द दूर हो या कोई गलती हुई है तो उस पर माफी मांगने में देर न करें।रिश्तों को पानी की तरह पारदर्शी रूप में निभाएं व " छुपाना" जैसी बातों से परहेज करें।अपनी मजबूरी को समझाएं न कि वक्त देने को आफत समझें या मानें।त्याग और समर्पण से कोई भी रिश्ता कभी भी नहीं मुरझाता है, रिश्ते अगर टूटते हैं तो शक और दुर्व्यवहार से।



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